Thursday, June 26, 2008
इलाहाबादी बकैत की शुरुआत.
अमलेंदु भाई और हम दोनों बचपन के मित्र हैं और इलाहाबाद की मिटटी से बहुत पुराना नाता है। आज हम दोनों खाली बैठ के बकैती कर रहे थे तभी इस ब्लॉग की बात सूझी और इसको लेकर आप के सामने हैं। आप लोगों का सहयोग अपेक्षित है.
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